चुनावी वायदे पूरे नहीं हुए- तुरंत वायदे पूरे करे सरकार: अशोक अरोड़ा

इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने सरकार के छह महीनों के कामकाज पर प्रतिक्रिया जताते हुए सरकार से अपने सभी चुनावी वायदे तुरंत पूरे करने और लोगों को राहत प्रदान किए जाने की मांग की है। श्री अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने लोगों से किया हुआ अभी तक कोई भी वायदा पूरा नहीं किया इसलिए सरकार को मात्र दावों व घोषणाओं की बुकलेट जारी करने की बजाय जमीनी स्तर पर काम करना चाहिए। श्री अरोड़ा ने पेट्रोल व डीजल की कीमतों में की गई बढ़ौतरी को भी तुरंत वापिस लिए जाने की मांग करते हुए कहा कि इससे बेवजह महंगाई और बढ़ेगी व समाज के सभी वर्गों विशेषकर किसान व मध्यम वर्ग पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बावजूद पेट्रोलियम पदार्थों के दामों में बढ़ौतरी किए जाने से  सभी वस्तुओं के दामों में न सिर्फ बढ़ौतरी होगी बल्कि बिजाई के समय किसान को सबसे ज्यादा मार पड़ेगी।
श्री अरोड़ा ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अपने छह महीने के कामकाज पर बुकलेट जारी किए जाने और उपलब्धियों के बड़े-बड़े दावे किए जाने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि सरकार ने चुनाव के दौरान लोगों के साथ जितने भी प्रमुख वायदे किए थे उन्हें अभी तक पूरा नहीं किया है जिससे समाज के सभी वर्गों में निराशा है। उन्होंने सरकार से स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, बेरोजगारों को छह हजार व नौ हजार रुपए बेरोजगारी भत्ता दिए जाने, बुढ़ापा पेंशन दो हजार रुपए देने, 10वीं व 12वीं के विद्यार्थियों को निशुल्क लैपटॉप देने, कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने और गेस्ट टीचरों को पक्का करने जैसे किसी भी चुनावी वायदे को मौजूदा सरकार ने पूरा नहीं किया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सत्ता सम्भालने के बाद किसानों को नरमे, कपास व धान का मूल्य पिछले साल के मुकाबले करीब दो हजार रुपए प्रति क्विंटल कम मिला। गेहूं की बिजाई के समय खाद नहीं मिली और महिलाओं को पुलिस थानों में लाइनें लगाकर राशन कार्ड पर खाद लेनी पड़ी। प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को पूरा मुआवजा व गेहूं पर 300 रुपए क्विंटल बोनस दिए जाने की मांग को भी पूरा नहीं किया गया। विशेष गिरदावरी को लेकर भी किसानों में रोष है व प्रदेशभर से गिरदावरी में पारदर्शिता न बरते जाने और जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं उनकी फसलों को मुआवजे से वंचित किए जाने की भी निरंतर खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मंडियों में गेहूं के अंबार लगे पड़े हैं और आए दिन किसानों, व्यापारियों व मजदूरों को जगह-जगह जाम लगाकर रास्ते रोकने पड़ रहे हैं। आए दिन परेशान किसानों द्वारा आत्महत्या करने अथवा सदमे से किसानों की मौत होने की चिंताजनक खबरें आ रही हैं।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आमतौर पर किसी भी सरकार के चार साल पूरे होने के बाद कर्मचारी वर्ग अपनी मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन जैसे कदम उठाने को मजबूर होते हैं लेकिन मौजूदा सरकार के कार्यकाल में आए दिन कर्मचारी धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने कर्मचारियों को पंजाब के समान वेतनमान देने, वेतन विसंगतियां दूर करने, गेस्ट टीचरों को पक्के करने जैसे अनेक लुभावने चुनावी वायदे किए थे लेकिन किसी भी वायदे को पूरा नहीं किया और गेस्ट टीचरों से लेकर कम्प्यूटर टीचरों तक सभी धरनों पर बैठे हैं। बुजुर्गों को दो हजार रुपए पेंशन देने का वायदा किया था लेकिन वादा पूरा करना तो दूर समय पर पेंशन भी नहीं मिल रही। पिछली सरकार पर प्रदेश की आर्थिक हालत खराब करने और इनेलो सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की आर्थिक हालत बेहद सुदृढ़ होने का दावा करते हुए मौजूदा सरकार ने श्वेतपत्र जारी किया था और उम्मीद की जा रही थी कि सरकार प्रदेश की आर्थिक हालत को ठीक करने का काम करेगी। मौजूदा सरकार में प्रदेश पर कर्जे का बोझ 80 हजार करोड़ से बढक़र 99 हजार करोड़ तक पहुंच रहा है और कर्मचारियों को वेतन, भत्ते व पेंशन देने और कर्ज पर ब्याज चुकाने के लिए भी सरकार कर्ज ले रही है।