Achievements

बुढ़ापा पेंशन योजना

देश में सबसे पहले चौधरी देवी लाल जी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही सभी 60 वर्ष बुजुर्गों को 100 रूपये महीने पेंशन योजना शुरू की। इस योजना के द्वारा वर्ष 1987 में प्रदेश के लगभग आठ लाख चालीस हजार बुजुर्गों को पेंशन का लाभदेकर सामाजिक सम्मान दिया गया। इस क्राांतिकारी कदम की देखा-देखी अन्य राज्यों ने भी बुजुर्गों को पेंशन देनी शुरू की।

कर्जा माफी

दूसरा जन-कल्याणकारी निर्णय किसानों का दस हजार रूपए तक का कर्जा माफ करना था। दीनबंधु सर छोटूराम के पश्चात किसानों के कल्याण के लिए उठाया गया यह सबसे महत्वपूर्ण कदम था। इस कर्जा माफी योजना का बिना किसीभेदभाव के प्रदेश के सभी किसानों को लाभ दिया गया। उस समय के रूपये की कीमत के आधार पर आज कर्जा माफी की यह राशि लगभग 1 लाख 32 हजार करोड़ रूपये बनती है। इस योजना से लाखों लोगों को कर्ज माफी का लाभ मिला।

नई कृषि नीति

समय पर सिंचाई के लिए नहरी पानी न मिलने के कारण किसानों की उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पडता था जिसको देखते हुए नहरी विभाग द्वारा कृषि क्षेत्र की आवश्यकता अनुसार नहरी पानी उपलब्ध कराया। उत्तम किस्म के बीज तथाकीटनाशक दवाईयां भी उचित दामों पर सरकारी एजेंसियों के द्वारा उपलब्ध करवाई। किसान को उसकी उपज का सही मूल्य निर्धारित करवाया। अकाल पड़ने पर किसानों को कर्जे की स्थिति से बचाने के लिए बाहर से चारा मंगवाकर उचितमूल्यों पर उपलब्ध कराया। खेती के काम में लगे किसान की मृत्यु/विकलांग होने पर उसकी पत्नी व बच्चों को आर्थिक मदद करने की योजना शुरू की। इससे पहले किसानों को सरकार से कोई भी आर्थिक सहायता नहीं मिलती थी। बैंकिंगसंस्थाओं से कर्ज लेने पर किसानों से मूल तथा ब्याज की राशि मिलाकर दुगुनी राशि से ज्यादा नहीं ली जा सकती थी। इस संबंध में The Haryana Relief of agricultural Indebtedness Act 1989 बनाया गया।

ओलावृष्टि मुआवजा

चौधरी देवी लाल जी के 1977 में मुख्यमंत्री के तौर पर किसानों को ओलावृष्टि तथा बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाली फसलों की हानि की भरपाई के लिए उचित मुआवजा देकर राहत दी। फसलों के नुकसान की भरपाई केसाथ-साथ बाढ़ के कारण गांवों के क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मुआवजा भी दिया गया।

हरिजन व पिछड़ा वर्ग के लिए गांवों में चैपालों का निर्माण गांवों में हरिजन व पिछड़ा वर्ग की जाति के लोगों के लिए सामाजिक कार्यों एवं सामूहिक बैठक के लिए सार्वजनिक स्थानों की आवश्यकता समझते हुए गांवों में सरकार द्वारा चौपालबनवाई। इससे आपस में भाईचारा भी बढा। इन चैपालों में सरकार द्वारा अपने खर्चे पर मूढे़ तथा चारपाइयां दी गई।

हरिजन कल्याण योजना

समाज कल्याण की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए जननायक चैधरी देवीलाल जी ने हरिजन वर्ग के कल्याण के लिए उसका पहला बच्चा पैदा होने पर 300 रूपये, दूसरा बच्चा होने पर 500 रूपये की सहायता दी। हरिजन विधवा की लड़की की शादी के लिए सरकार द्वारा सहायता करने की योजना शुरू की जिसके अन्र्तगत 5000 हजार रूपये की राशि दी गई।
बेराजगारी भत्ता योजना
देश में पहली बार बेरोजगारी भत्ता योजना को लागू करने का श्रेय भी जननायक चौधरी देवीलाल जी को जाता है। उस नीति के अनुसार युवाओं को रोजगार मिलने तक यह भत्ता मिलता था। यह बेरोजगारी भत्ता प्रदेश में अपने आप में एकबहुत बड़ा कल्याणकारी एवं क्रांतिकारी कदम था जिसकी सर्वत्र सराहना हुई और जिसका उदाहरण तब केवल यूरोपीयन देशों में ही मिलता था। सरकारी रोजगार प्राप्त करने हेतु बेरोजगार युवाओं की आयु सीमा 35 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष कीगई।

युवाओं को बस यात्रा सुविधा

जननायक चैधरी देवीलाल जी ने अनुसूचित जाति एवं सामाजिक तथा आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के पढ़े लिखे युवा बच्चे

सरकारी नौकरियों में इंटरव्यू के लिए साधनों के अभाव में नहीं जा पाते थे। इस समस्या को
देखते हुए चैधरी देवी लाल जी ने बेरोजगार युवाओं को भत्ते के साथ-साथ उनको इंटरव्यू
पर जाने के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा प्रदान की और छात्रों को स्कूल व काॅलेजो में
बस द्वारा यात्रा करने पर नाममात्र राषि लेकर बस पास की सुविधा दी।

खुले जनता दरबार

जननायक चैधरी देवी लाल जी ने जनता की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेश में सभी अधिकारियों द्वारा जिला एवं
उपमंडल स्तर पर खुले जनता दरबार लगाए गए ताकि लोगों की सभी प्रकार की समस्याओं का निपटारा स्थानीय स्तर
पर हो सके और लोगों को अनावश्यक खर्च करके चंड़ीगढ न आना पड़े जिसके कारण लोगों को बहुत राहत मिली।

काम के बदले अनाज

जननायक चैधरी देवीलाल जी ने गांवों में गरीब एवं दलित वर्ग के लोगों के
लिए पंचायतों से संबंधित कार्यों के लिए ‘‘काम के बदले अनाज’’ की योजना शुरू
की ताकि ऐसे वर्ग के लोगों को अपनी आजीविका के लिए अपने गांव में ही रोजगार प्राप्त
हो सके। इस योजना के अन्र्तगत मजदूरी की आधी राशि नकद और आधी राशि के लिए अनाज दिया जाता
था।

ट्रैक्टरों का टोकन टैक्स

प्रत्येक गांव में सड़कों को जाल बिछाया और हर सड़क को शहरों के साथ जोड़ा गया ताकि किसान अपनी उपज को आसानी से मंडियों में ला सके और उनकी सुविधा के लिए ट्रेक्टरों का टोकन टैक्स भी समाप्त किया। मालिया माफ एवं वृक्षोंमें हिस्सेदारी जननायक चैधरी देवीलाल जी ने किसानों के आर्थिक हालात को देखते हुए 6.5 एकड़ तक भूमि मालिकों का मालिया माफ किया और सड़क के किनारे खडे़ वृक्षों में किसानों को आधा हिस्सा दिया। रिंग बांध एवं तालाब जननायकचैधरी देवीलाल जी ने ग्रामवासियों को बाढ़ जैसी आपदा से बचाने के लिए गांव की सीमा पर रिंग बांध बनाए जिससे उनकी बस्ती/घरों तक पानी न पहुंचे। गांव में तालाबों की दीवारों को पक्का करवाने पर करोड़ों रूपये खर्च किए।

शिक्षा को बढ़ावा

हर गावं में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए गांवों में नये स्कूलों का निर्माण करवाया तथा पुराने व टूटे हुए भवनों तथा स्कूलों की चार दीवारी की मुरम्मत करवाई। लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों का दर्जा बढ़ाया जिसके लिएअतिरिक्त कमरों का निर्माण करवाया। शिक्षा की ओर प्रेरित करने के लिए खानाबदोष एवं घुमंतु लोगों के बच्चों द्वारा स्कूल जाने पर प्रतिदिन 1 रूपया देने की व्यवस्था की।

इंस्पेकटरी राज

जननायक चौधरी देवीलाल जी ने व्यापारियों को जो रियायतें/सुविधाए दी गई, वह अपने आप में इतिहास है। कांग्रेस के शासनकाल में बने हरियाण बिक्री कर अधिनियम, 1973 के अंतर्गत व्यापारी द्वारा बिक्री कर की देय राशि जमा नकरवाने पर दस गुणा जुर्माने को कम करके दो गुण जुर्माना किया। व्यापार को बढ़ावा देने के लिए लगभग 5 दर्जन वस्तुओं पर बिक्री कर कम किया। बिक्रीकर विभाग के किसी अधिकारी या इंस्पेक्टर को व्यापारी के व्यवसायिक स्थान परछापा मारने की अनुमति नहीं थी। तदनुसार इंस्पेकटरी राज पूरी तरह से समाप्त किया।

24 घंटे बिजली तथा पानी व्यवस्था

प्रदेश में जब-जब जननायक चैधरी देवीलाल जी व चौधरी ओमप्रकाश चैटाला जी के नेतृत्व में इनेलो की सरकार बनी, तब-तब प्रदेश के सभी शहरों एवं गांवों को लगभग 24 घंटे बिजली मिलती थी। चौधरी ओमप्रकाष चैटाला जी के शासनकाल में एक तरफ बिजली प्रसारण में होने वाली हानि पर अंकुश लगाया जाता था और दूसरी तरफ उत्पादन करने वाले सभी तापघरों के सूचारू संचालन और समय पर अन्य राज्यों से उचित दामों पर बिजली
खरीद की जाती थी जिसके कारण उपभोक्ताओं को बिजली भी प्राप्त होती थी और उन्हें उचित दरों पर भी मिली। बिजली की निरंतर उपलब्धता के कारण किसान, व्यापारी तथा उद्योगपति खुशहाल हुआ जिससे प्रदेश में उद्योग एवं व्यापारमें उम्मीद से ज्यादा उन्नति हुई जो राजस्व करों की बढ़ी हुई उगाही में
भी दिखाई देता था।
कांग्रेस सहित किसान विरोधी ताकतें जननायक चौधरी देवी लाल जी के वायदों का मजाक उड़ाते हुए यह दुष्प्रचार किया करते थे कि उनके वायदे
मात्र चुनावी घोषणाएं है जिन्हें लागू नहीं किया जा सकता। परंतु अपने वचनों के पक्के और प्रशासनिक घोड़े की लगाम कस कर अपने हाथ में
पकड़ने वाले जननायक चैधरी देवी लाल जी ने बुढ़ापा सम्मान पेशन, कर्ज माफी, देवी रक्षक बीमा योजना, विधवा तथा विकलांग पेंशन,
युवकों को बेरोजगारी भत्ता, किसानों को ओलावष्टि का मुआवजा, अनुसूचित जाति व हरिजन लड़कियों तथा विधवा महिलाओं की लड़की की शादी में सरकारी अनुदान, हरिजन तथा पिछड़े वर्ग की बस्तियों में सरकारी खर्च पर चैपाल बनाने,खानाबदोश व घुमंतू लोगों के बच्चों द्वारा स्कूल जाने पर प्रति दिन एक रुपया देने की व्यवस्था, काम के बदले अनाज की योजना, हरिजन के घर पर बच्चा पैदा होने पर सरकार द्वारा ग्रांट, प्राकृतिक आपदा से होेने वाले नुकसान की भरपाई,कृषि यंत्रों द्वारा शारीरिक नुकसान होने पर वित्तीय सहायता आदि ऐसी अनेक समाज कल्याण की योजनाओं को क्रियान्वित किया और ये घोषणएं अपने आप में अनुकरणीय बन गई है।

जननायक चैधरी देवीलाल जी की नीतियां

1. गरीब, मजदूर, किसान, दुकानदार के दस हजार रूपये तक के कर्जे माफ।
2. किसानों को ओलावृष्टि का मुआवजा।
3. व्यापारी भाइयों के लिए 59 वस्तुओं पर सेल्सटैक्स कम।
4. इंस्पेक्टरी राज से छुटकारा।
5. प्रदेश के आठ लाख चालीस हजार वृद्धों को समान पेंशन।
6. गांव गांव में हरिजन चैपाल।
7. बेरोजगार युवकों को बेरोजगारी भत्ता।
8. किसनों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य।
9. सड़क के किनारे खडे़ वृक्षों में किसानों को आधा हिस्सा।
10.ट्रैक्टर का टोकन टैक्स, साईकिल टैक्स, रेडियों पर लाइसेन्स फीस पूरी तौर पर समाप्त।
11. गांव गांव पर रिंग बांध बनवाकर बाढ़ पर नियंत्रण।
12. 24 घन्टे बिजली तथा पानी का प्रबंध।
13. किसानों को 6.5 एकड़ भूमि का मालिया माफ।
14. इंटरव्यू पर जाने वाले बेरोजगार युवकों को मुफत बस यात्रा।
15. छात्रों को नाममात्र मूल्य पर बस पास की सुविधा।
16. हरिजन के घर पर पहला बच्चा पैदा होने पर 300 रूपये, दूसरा बच्चा होने पर 500 रूपय की ग्रांट राशि।
17. हरिजन विधवा की लड़की की शादी के लिए सरकार द्वारा 5000 हजार रूपये की सहायता।
18. खानाबदोश व घुमन्तु लागों के बच्चों द्वारा स्कूल जाने पर प्रतिदिन एक
रूपया की व्यवस्था।
19. गांवों तथा शहरों में शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था। 20. मार्केटिंग बोर्ड द्वारा गांव गांव में सड़कों का निर्माण।
21. सरकारी रोजगार प्राप्त करने हेतु उम्मीदवारों की अधिकतम आयु सीमा 30 वर्ष से बढ़ाकर 35 वर्ष करना।
22. काम के बदले अनाज की योजना।
23. गांव व शहर के विकास के लिए अद्भुत मेचिंग ग्रांट की योजना।
24. पिछडे वर्ग के लोगों के लिए नम्बरदारी का पद सुरक्षित। 25. नई कृषि नीति की घोषणा।
26. खुले जनता दरबार।
27. बडे-बडे पांच तारा होटलों में चैपाल की व्यवस्था।
28. गुरनाम सिंह आयोग का गठन करके सभी आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग के लोगों को आरक्षण की सुविधा की व्यवस्था।