अहंकार में डूबी भाजपा सरकार,किसानों के दुख को सरकार बना रही मजाक : ढुल

जुलाना से इनेलो विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल ने प्रदेश सरकार पर जींद जिले के किसानों को बेमौसम ओलावृष्टि तथा बारिश से हुए फसलों के नुक्सान को लेकर मुआवजा राशि वितरण को लेकर क्षेत्रवाद व द्वेष भावना अपनाने का आरोप लगाया है। हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा जिले में जारी गिरदावरी रिपोर्ट में हुए मनमाफिक आंकलन, भेदभाव तथा बंदरबांट को लेकर इनेलो का एक प्रतिनिधिमण्डल आज जींद के उपायुक्त से मिला। उपायुक्त के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमन्त्री केनाम ज्ञापन सौंपते हुए उन्होंने कहा की यह मनघड़न्त सूची जिले के अन्नदाताओं के साथ सरासर तौर पर धोखा है।
विधायक ढुल ने कहा कि पिछले लगभग एक महीने से गिरदावरी को लेकर वह लगातार प्रदेश तथा जिला प्रशासन से सम्पर्क साधे हुए थे। जिस दौरान उन्होंने समय-समय पर अधिकारियों को हलके तथा क्षेत्र की वास्तविकता से अवगत करवाया था और प्रजातान्त्रिक तरीकों से गिरदावरी में पारदर्शिता बरते जाने की मांग भी की थी। मगर सरकार ने खराबे का आंकलन करने में ठीक इसके विपरीत महज औपचारिकता पूरी करते हुए मनघड़न्त आंकड़े जुटाने का काम किया है जिससे न सिर्फ अन्नदाताओं की उम्मीदों को ठेस पहुंची है बल्कि सरकार तथा अधिकारियों के संलिप्त होने का भी आभास प्रकट होता है।
सरकार द्वारा जारी इस रिपोर्ट पर सवालिया निशान लगाते हुए उन्होंने कहा की क्षेत्र में बेमौसम मार से फसलों में 70 से 100 फीसदी तक नुकसान हुआ था।  मगर सरकार आंकलन महज 10 फीसदी रकबा तक सिमटा है। स्वयं उनके हलका जुलाना में 50000 एकड़ से ज्यादा रकबा में 80 फीसदी से ज्यादा नुकसान हुआ था जिसके बारे में उन्होंने प्रशासन को अवगत भी करवाया था। जबकि सरकार की सूची के हिसाब से केवल मात्र 10000 एकड़ रकबा में 25 फीसदी से उपर खराबा दिखाया गया है जो की सरासर अन्याय है। गिरदावरी में प्रभावित किसानों की पूरी तरह से अनदेखी की गई है। सूची में सरकार के हिसाब से जिले में 90 फीसदी से ज्यादा रकबा में नुकसान ही नही ंहुआ है।
इनेलो विधायक ने इसे सीधे तौर पर भाजपा की किसान विरोधी नीति का हिस्सा करार दिया। आज की भारतीय जनता पार्टी सरकार जो यह दावा कर रही है कि हम किसानों के हमदर्द हैं इसके ठीक उलट सरकार 780 करोड़ रूपये केवल झूठी वाह-वाही लूटने के लिए खर्च कर सकती है। किसानों को बोनस के मूददे पर यह कहती है कि हमारे पास पर्याप्त धन नहीं है। यह जानकारी केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन राठौर ने राज्य सभा के अन्दर प्रश्र के उत्तर में जानकारी दी। इससे भारतीय जनता पार्टी का किसान विरोधी चेहरा खुलकर सामने आ गया।  उन्होंने कहा कि किसान कहीं का भी हो यदि उसके साथ अन्याय हुआ है, उसका नुकसान हुआ है तो उसे भी बिना किसी भेदभाव के न्याय का हकदार बनाया जाना चाहिए। ज्ञापन के माध्यम से इनेलो ने सरकार से खराबे के आंकलन तथा मुआवजा वितरण में पारदर्शिता के मांग की है। यदि सरकार ऐसा करने में सफल नहीं हुई और क्षेत्र के किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा राशि जारी नहीं की तो इनेलो एक बार फिर प्रभावित किसानों को साथ लेकर बड़े आंदोलन के जरिए उनका हक दिलाने का ठोस कदम उठाएगी।
इस अवसर पर नरवाना से विधायक पृथ्वी सिंह नंबरदार ने कहा की जिला में ओलावृष्टि और बेमौसमी बरसात से जिन किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा, उन्हें सही स्वरूप में  मुआवजा राशि का हकदार नहीं बनाया गया। सरकार का आंकलन दर्शाता है की जिले के 150 से ज्यादा गाँवों में किसी प्रकार का कोई नुकसान ही नहीं हुआ जो की बिलकुल गलत है तथा वास्तविकता से कहीं दूर है। इस अवसर पर भूपेंद्र जुलानी, राजबीर देशखेड़ा, रणधीर सिंह चहल, मौजी खान, नफे सिंह मलिक, सुनील नायक, सूरजभान सिंह, सत्येंद्र ढुल, राजेश बड़ोदा, डी.के . मलिक, अजायब सिंह चहल, गुरदीप सांगवान आदि मौजूद थे।